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लेवोन अरोनियन नें बदला देश अब यूएस से खेलेंगे

by Niklesh Jain - 26/02/2021

कुछ वर्षो पहले जब वेसली सो फिलिपींस तो फबियानों करूआना इटली छोड़कर यूनाइटेड स्टेट्स और अमेरिका की टीम मे शामिल हुए तो दुनिया भर मे इसकी खूब चर्चा हुई क्यूंकी टीम अमेरिका अचानक से दुनिया की सबसे मजबूत टीम मे से एक बन गयी और इसका असर दिखा 2016 मे बाकू मे आयोजित हुए 42 वे शतरंज ओलंपियाड मे जहां अमेरिका नें 40 वर्षो के बाद स्वर्ण पदक हासिल कर लिया और 2018 बातुमि मे वह दूसरे स्थान पर रहे । पर अब टीम मे एक बड़ा नाम और जुड़ गया है दुनिया को चौंकाते हुए अर्मेनिया को तीन ओलंपियाड स्वर्ण दिलाने वाले लेवोन अरोनियन नें भी अब अमेरिकन झन्डा अपने हाथ मे ले लिया है जी हाँ अब विश्व नंबर 5 लेवोन अरोनियन अर्मेनिया नहीं यूएसए से खेलते नजर आएंगे और ऐसे मे अगर यूएसए एक अपराजेय टीम नजर आने लगी है । पढे यह लेख ... 



लेवोन अरोनियन यूएसए शतरंज टीम मे हुए शामिल

अर्मेनिया के शीर्ष शतरंज खिलाड़ी तीन बार ओलंपियाड स्वर्ण पदक विजेता लेवोन अरोनियन अब अर्मेनिया की जगह यूएसए के झंडे तले खेलते नजर आएंगे , इस खबर नें जहां दुनिया भर के उनके प्रशंसकों को चौंका दिया है तो अर्मेनिया शतरंज के लिए यह अच्छी खबर नहीं है । आपको बता दे की जैसे भारत मे क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है वैसे अर्मेनिया मे शतरंज ना सिर्फ राष्ट्रीय खेल है बल्कि सबसे लोकप्रिय खेल भी है । वर्तमान मे अरोनियन विश्व के 5 नंबर के खिलाड़ी है और उनके टीम मे शामिल होते ही अमेरिका की टीम अपराजेय नजर आने लगी है ।

टीम मे विश्व नंबर 2 फबियानों करूआना , विश्व नंबर 9 वेसली सो , विश्व नंबर 14 दोमिंगेज पेरेज और विश्व नंबर 18 हिकारु नाकामुरा पहले सी ही इसे रूस के बाद दूसरी सबसे ताकतवर टीम बनाते है और अब अरोनियन के आने से अमेरिका और रूस के बीच रैंकिंग का मुक़ाबला और कडा हो जाएगा ।

लेवोन अरोनियन के इस निर्णय के पीछे वर्ष 2018 के बाद से राष्ट्रपति बने आर्मेन सर्गस्यन और मौजूदा सरकार के साथ उनके खराब रिश्ते कारण बताए गए है ,खैर कारण जो भी हो फायदा तो अमेरिका को मिल गया है ।

अरोनियन नें क्या लिखा पूरा पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे 

भारत के लिहाज से यह बदलाव मुश्किले बढ़ाएगा क्यूंकी विश्व नंबर 5 भारत के लिए ओलंपियाड और विश्व टीम मे यूएसए हमेशा से एक कडा प्रतिद्वंदी रहा है और अब हमें अमेरिका से पार पाने के लिए और ज़ोर लगाना होगा ।





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